बाबरी विध्वंस केस: 30 सितंबर को फैसला, आडवाणी, जोशी और कल्याण को रहना होगा मौजूद
शीर्ष अदालत ने विशेष अदालत से दिन-प्रतिदिन की सुनवाई करने और दो साल के भीतर मुकदमे को पूरा करने के लिए कहा था. इसके बाद मुकदमा पूरा करने के लिए कई बार समयसीमा को बढ़ाया भी गया. विशेष न्यायाधीश एस. यादव (S. Yadav) ने जब मुकदमा पूरा करने के लिए अधिक समय मांगा तो अदालत ने समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी.
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